शबद और गुरबानी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में संकलित काव्य हैं जो गुरु की स्तुति में गाई जाती हैं। देखिए, रागी किरणदीप सिंह द्वारा गाई गईं शबद एवं गुरबानी का तीसरा खंड।